रीवा (गंगेव/गढ़): अगडाल से कैथा तक बनायी जा रही 9 किमी घटिया गुणवत्ता की सड़क

748 By 7newsindia.in Sat, Mar 17th 2018 / 17:18:32 प्रशासनिक     

रीवा (गंगेव/गढ़): मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत अगडाल से कैथा तक बनायी जा रही 9.4 किमी सड़क की घटिया गुणवत्ता की शिकायत ज़िले से लेकर केंद्र तक की गयी है जिस पर कई मर्तबा जांचें हुईं लेकिन एस क्यू एम और एन क्यू एम से लेकर सभी जांच करने पहुचे हैं परंतु इस पर अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है।
पुलों के निर्माण में पहले ही गुणवत्ता की अनदेखी की गयी है जिससे कई पुलें समय से पहले मात्र 6 माह में ही टूट चुकी हैं। कैथा स्थित कैप्टेन आर डी पांडेय के घर के सामने पुल बीचों बीच दरार आने से टूट गयी है।
इसी प्रकार कई पुलें ऐसी देखी जा सकती हैं जिनमे दरार आ जाने और घटिया गुणवत्ता के कारण खराब हो चुकी है। इन सब बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे ज़िले में प्रधानमंत्री सड़क के कार्यों में गुणवत्ता की कितनी अनदेखी हो रही है।
अभी हाल ही में पिछले कुछ दिनों से लौरी मोड़ से लेकर अकलसी मोड़ तक मात्र तीन किमी सड़क पर डब्लू एम एम डालकर बिना पर्याप्त पानी डाले और बिना उचित मात्रा में प्राइमर डाले डामर युक्त गिट्टी डाली जा रही थी जिससे डामर की पकड़ नही बन पा रही थी जिसके कारण कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे बन गए थे और सड़क टूटी हुई दिख रही थी। कई स्थलों पर यह भी देखा गया था कि 27 एम एम की डामर गिट्टी मिली हुई प्रथम लेयर भी सही तरीके से नही डाली गई थी जिस कारण से स्वतः ही गड्ढे बन गए थे। इस बात पर संबंधित ठेकेदार सोनभद्र कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के संदीप पांडेय और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के जीएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता को कई मर्तबा अवगत कराया गया था परंतु मात्र हवा में ही अस्वासन का खेल चल रहा था। अब जब लौरी नंबर 3 के निवासी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को दिनांक 17 मार्च शुबह यह जानकारी पुनः दी कि सड़क की गुणवत्ता के साथ निरंतर खिलवाड़ चल रहा है और कोई सुनवाई नही हो रही है जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित मऊगंज उपयंत्री को तत्काल निर्माण स्थल पर पहुचकर निरीक्षण करने की मांग की गयी जिस पर दोपहर लगभग 1 बजे उपयंत्री अमित गुप्ता लौरी नंबर 3 पहुचे और पाया कि शिकायत सही थी। प्राइमर का उचित अनुपात में प्रयोग नही होना पाया गया, सड़क में पानी का छिड़काव भी होना नही पाया गया साथ ही 27 एम एम परत भी कई स्थानों पर नही पायी गई।
इस पर उपयंत्री द्वारा लिखित तौर पर ठेकेदार संदीप पांडेय को नोटिस जारी करने की बात कही गयी साथ ही बताया गया कि यदि सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाता रहा तो राशि रोककर ठेका निरस्त कर वशूली की कार्यवाही भी की जा सकती है। इस पर उपस्थित सभी ग्रामीण जनों ने प्रधानमंत्री सड़क के मजबूती पूर्ण निर्माण की माग की है।
बता दें कि अगडाल से कैथा तक 9 किमी 4 सौ मीटर लंबाई की सड़क का पैकेज क्र. एम पी 32170 है जिसकी प्रारंभिक लागत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये बतायी गई है। औसतन देखा जाए तो प्रति किमी इस सड़क की लागत 33 लाख के आसपास आ रही है जो प्रधानमंत्री सड़क के हिसाब से उचित भी है परंतु इस पर भी सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाना विभाग और ठेकेदार की मिली भगत को दर्शाता है। एक बात और भी ध्यान देने योग्य है यह पूरी सड़क पहले से भी 12 मासी मुख्यमंत्री सड़क थी जिस पर पहले से भी पर्याप्त मिट्टी और मोरम डाला गया था जिससे सड़क की ऊंचाई काफी थी। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता करना सम्पूर्ण सिस्टम पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
अब देखना यह होगा कि दिनांक 17 मार्च को मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क उपयंत्री की जांच और की गई कार्यवाही भी मात्र औपचारिकता ही रहेगी कि कार्य की गुणवत्ता में कुछ सुधार होगा।

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