शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चौपट, सुधारने के लिए विभाग के पास पुख्ता प्लान नहीं

763 By 7newsindia.in Thu, Oct 25th 2018 / 18:30:24 कानून-अपराध     

 पुलिस के डिवाइडर दिनों दिन हो रहे काम

 
सीधी,
जिले में दिनों दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह से लचर होती जा रही है, बात फिर चाहे शहर की हो या फिर चुरहट, मझौली, बहरी, कुशमी हर जगह वाहन चालकों के मन से पुलिस के कार्यवाही का भय पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। शायद इसकी मुख्य वजह यह है कि जिले में वांछित पुलिस स्टाप का न होना साथ ही जो हैं भी उन पर अन्य कार्यो का भार कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। यातायात व्यवस्था के हाल जिले में कुछ यॅू हैं कि शासन प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराये गये कई प्रकार के उपकरण जिससे वेहतर यातायात व्यवस्था बनाई जा सके वो सारे उपकरण दिनों दिन स्वमेव घटते क्रम में दिख रहे हैं। सरकार ने जिन जिम्मेदारों को शहर में ट्रैफिक नियमों के पालन करवाने की जिम्मेदारी दी है, वे काम के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। यही वजह है कि सालों बाद इस व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है। यातायात जागरूकता अभियान में दावा किया गया था कि सड़कों पर दो पहिया वाहन चालकों को हैलमेट पहनकर बाइक चलाने की अनुमति पर मिलेगी, पर इस विचार की भी हवा निकल गई। हालात यह कि जनता तो दूर पुलिस खुद इन नियमों का पालन नहीं करती। हैरत यह कि इसके लिए न तो विभाग के पास पुख्ता प्लान है और न अब तक कोई कार्ययोजना बनाई गई, जिसके कारण जाम से पब्लिक परेशान होती है तो पुलिस को जाम हटवाने घंटों पसीने बहाने पडते हैं। पुलिस के आला अफसर भी इसकी सुधार पर रुचि नहीं ले रहे, जिससे यह परेशानी बढती जा रही है। 
 
शहर के चौक.चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सिग्नल लगाया गया था पर न तो शहर की जनता इनके नियमों का पालन करती और न ट्रैफिक अमला जागरूकता की ओर कोई पहल करता। कई जगह तो सिग्रल मूलभूत जगह से गायब हो चुका है, गंभीर बात है कि यातायात पुलिस के अधिकारियों को यह भी पता नहीं है कि चौराहों पर लगे सिग्नलों को कहां लगना था या कहॉ लगे है। इसके लिए क्या उन्हें चालकों में किस तरह की जागरूकता लानी है। 
 
रफ्तार पर लगाम कसने स्पीड ब्रेकर भी जरूरी -
शहर में तेज रफ्तार वाहनों की रोकथाम के लिए संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर भी जरूरी है। इसकी कमी के चलते गली मोहल्लों में दुर्घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। सकरी गलियों में युवा वर्ग तेज वाहन चलाते हैं, जिसके कारण दूसरों को परेशानी होती हैं। स्पीड ब्रेकर बनाने से इनकी रफ्तार पर काबू पाया जा सकता है। यातायात विभाग इन सभी व्यवस्थाओं को देखने समझने के बजाय चालान पर ध्यान देती है और इसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है। 
 
पूर्व प्रभारी का रहा सराहनीय योगदान -
जिले के पूर्व यातायात प्रभारी का कार्य आमजन मानस के ऑखो में काफी सराहनीय रहा, लोगों की मानें तो वर्षो बाद कोई ऐसा प्रभारी आया जो जमीनी हकीकत को पहले बारीकी के साथ जॉचा व परखा उसके पश्चात ही सुधार के वेहतर इंतजाम की ओर अग्रसर हुआ। लोगों की मानें तो वाहन चालक नियम तोडने के पूर्व कई बार विचार मंथन करते थें। पूर्व प्रभारी द्वारा एक माह के अन्दर ही वर्षो से वेपटरी व्यवस्था को सुधारने का श्रेय प्राप्त था। 

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